Pattachitra Saree | पट्टचित्र साड़ी


                                भारतमें कौनसी साड़ी सर्वाधिक लोकप्रिय है | यदि इस बारे में विचार करेंगे तो इसका उत्तर देना बोहत मुश्किल हो जायेगा क्यों की भारतीय साड़ियों ने उसके राज्य , क्षेत्र , हस्तशिल्प तथा विभिन्न कारको के आधार पर लोकप्रियता हासिल की है | इसका उत्तर हासिल करने के लिए आपको राज्यवार साड़ी की लोकप्रियता के बारे में जानना होगा | इस बारे में हम हमारे ब्लॉग में निरंतर विभिन्न राज्यों , प्रांतो से सम्बंधित अलग -अलग तरह की साड़ियों की संक्षिप्त जानकारी दे रहे है | इसी के अंतर्गत हम आज आपको प्रसिद्ध लोक कला पर आधारित पट्टचित्र साड़ी  ( Pattchitra Saree ) की जानकारी देने जा रहे है | 

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                                     पट्टचित्र चित्र साड़ी की जानकारी देने से पहले हम आपको बताना चाहेंगे की " पट्टचित्र " यह दो शब्दों से मिलकर बना है | जिसमे  " पट्ट " का मतलब  " कपडा " होता है तथा  " चित्र " का मतलब " चित्र या पेंटिंग " के  नाम से जाना जाता है | अर्थात जिस साड़ी के कपडे पर पेंटिंग के द्वारा चित्र बने हो उसे पट्टचित्र साड़ी कहते है | 



                                     ओडिसा के पूरी जिल्हे का रघुराजपुर अपनी हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है | यहाँ की पट्टचित्र की कलाकारी बोहत प्रसिद्ध है | पट्टचित्र यह कपड़े पर पेंटिंग का एक रूप है | यह एक पारम्परिक हस्तकला का एक रूप है | जिसमे प्राकृतिक रंगो का प्रयोग किया जाता है | इन साड़ियों पर मुख्यतः Mythology और Folk चित्र बने होते है | जिसमे मुख्यतः पौराणिक कहानियाँ, मंदिरो और लोक कथाओ के विचारो को पेंटिंग के रूप में बनाया जाता है | जिसमे कलाकारों द्वारा रामायण , महाभारत , गणेश , राधा कृष्ण , देवी दुर्गा और कई पौराणिक कथाओ तथा महाकाव्यों की कहानियो को रखा जाता है | 

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                                    पट्टचित्र  यह साड़ी आदर्श साड़ी है | पट्टचित्र पेंटिंग की यह कला हजारो साल पूरानी  है | इन साड़ियों पर बनाई गई पेंटिंग मुख्यतः बंगाल तथा उड़ीसा के चित्रकारों द्वारा बनाई जाती है | यह साड़ी अपने आप में हस्तशिल्प का अदभुत नमूना है | 

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