Hakoba Saree Details | हक़ोबा साड़ी

                    भारतीय साड़ी यह भारतीय परंपरा तथा संस्कृति का एक प्रतिक है |  भारतीय साड़ी का इतिहास बोहत पुराना है | साड़ी यह भारतीय महिलाओ की पारंपरिक पोशाक रही है | पारंपरिक पोशाक होने के कारण सर्वाधिक पहनी जाती है | आजकल यह फैशन का एक हिस्सा भी बन गई है | जो की कई तरह के प्रकार में आती है तथा इसमें निरंतर परिवर्तन होता गया है , साड़ी पहनने के तरीके से लेकर साड़ी बनाने के प्रकार आदि में | 


हकोबा साड़ी


                    भारत के सर्वागीण विकास का साड़ियों के डिज़ाइन पर भी निश्चित प्रभाव पड़ा है | पहले के डिज़ाइन और अभी के डिज़ाइन में बोहत अंतर आया है | हालांकि साड़ी ही भारतीय महिलाओं की वंशानुगत पोशाक के रूप में जानी जाती हैं | जिसका आकर्षण कम नहीं हो रहा है | यह आज भी छोटी उमर की लड़कियों से लेकर सबसे बुजुर्ग महिलाओ के लिए अनुकूल पोशाक है | हम निरंतर हमारे ब्लॉग simpleblousedesign.com में नई -नई तरह की साड़ियों की जानकारी दे रहे हैं | इसी के अंतर्गत आज हम आपको हकोबा साड़ी ( Hakoba  Saree ) की जानकारी देने जा रहे हैं | 


                   हकोबा एक नाजुक तथा बहुत ही जटिल रूप में विभिन्न प्रकार के कपड़ो में की गई कढ़ाई का एक प्रकार है | यदि आपके पास कढ़ाई वाले कपडे के लिए रूचि है तो कढ़ाई वाली साड़ी में रूचि हैं , तो हकोबा साड़ी के लिए भी जगह है | कहते हैं 1953 तक भारत में हकोबा का उदय हुआ और बढ़िया कढ़ाई उन सभी लोगो के लिए उपलब्ध हो गई जो की इसके बारे में सोचते थे | हकोबा ने भारत में क्रांति ला दी | 



Hakoba Saree Images


                  कई लोगो का मानना है की यह कला जापान या जर्मनी से है जो की वहा इस कला की लोकप्रियता को देखकर कहा जाता है | परन्तु कई लोगो का मानना है वास्तव में हक़ोबा भारत का एक घरेलु Brand  है | कुछ वर्षो से हकोबा उच्च फैशन के कपडे और कपड़ो का पर्याय बन गया है | वास्तव मे भारत में सबसे संभावित और पसंदीदा Brand में से एक होने के  अलावा इसकी प्रसिद्धि दुनियाभर में फैली है | 

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