Patola Saree Detalis in Hindi |पटोला साड़ी | पटोला साड़ी की जानकारी

                                   

                 

                  हम हमारी Website - www.simpleblousedesign.com में  ब्लाउज डिज़ाइन से सम्बंधित जानकारी देते आये है , परन्तु हम ये मानते हैं साड़ी और  ब्लाउज एक दूसरे के पूरक हैं , इसलिए आकर्षक ब्लाउज डिज़ाइन पर आकर्षक साड़ी होना आवश्यक हैं , अतः उसके लिए हम आपको  साड़ी के प्रकार या साडीयो से  सम्बंधित जानकारी देने का प्रयास कर रहे है | हम हमारे पिछले ब्लॉग में  चंदेरी साड़ी , बनारसी साड़ी, तथा कांजीवरम साड़ी और  पैठनी साड़ी की जानकारी प्रदान कर चुके है |  



Patola sarees
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               साड़ी की जानकारी देने के क्रम को आगे  बढ़ाते हुए आज हम आपको  पटोला साड़ी ( Patola Saree ) के बारे में जानकारी देने का प्रयास कर रहे हैं | पटोला साड़ी मूलतः हथकरघों से बनी साड़ी है | यह साड़ी गुजरात के पाटन शहर में बनाई जाती है | पटोला साड़ी का इतिहास सात सौ साल पुराना है | यह साड़ी मुख्यतः पाटन शहर के साल्वी समुदाय द्वारा बनाई जाती है | पटोला साड़ी को दोनों तरफ से बनाया जाता है , इस कारण यह साड़ी बोहत महँगी होती हैं | इस दोनों तरफ से बनी साड़ी को डबल इकत पटोला साड़ी कहते है |  कहते हे पटोला साड़ी पहले बड़े - बड़े श्रीमंत या राजघराने के लोग ही बनवाकर पहनते थे | पटोला साड़ी दोनों तरफ से बनाने के कारण यह दोनों तरफ से पहनी जा सकती है | इस साड़ी का मूल्य अधिक होने के कारण यह साड़ी लुप्त होने के कगार पर है | दो तरफ से बनी पटोला साड़ी की तुलना में एक तरफ से बनी साड़ी बोहत सस्ती होती है | 




,पटोला साड़ी
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              पटोला साड़ी को बनाने में 20 दिन से लेकर एक साल तक का समय लग जाता है | पटोला साड़ी में जो डिज़ाइन उपयोग किये जाते है , उनमे ज्यामितीय डिज़ाइन, तोते , मानव की आकृति और हाथी मुख्यतः है | 


            पटोला यह साड़ी भारतीय हस्तकला का उत्कृष्ठ नमूना है | यह साड़ी अपने शानदार रंगो तथा इसकी बनावट और गुणवत्ता जिसके कारण निरंतर चलती रहती है | पटोला साड़ी की इन्ही सब खासियत के कारण इस साड़ी को एक शुभ विरासत के रूप मे संभालकर रखा गया है | 

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